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Compare News In Hindi : Honda CB300R Vs Royal Enfield Interceptor 650 Specs Comparison, know which one is best in features price and specificati | कीमत में हैं सिर्फ 9 हजार रुपए का अंतर, लेकिन पॉवर के मामले में इंटरसेप्टर है सीबी1000आर पर भारी

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दैनिक भास्कर

Nov 13, 2019, 03:47 PM IST

ऑटो डेस्क. 8 फरवरी को होंडा मोटरसाइकिल ने अपनी ऑल न्यू बाइक सीबी300आर को भारतीय बाजार में पेश किया। बाइक की एक्स शोरूम कीमत 2.41 लाख रुपए है। इसे होंडा सीबीआर250आर के अपर वर्जन से तौर पर लॉन्च किया गया जो काफी हद तक होंडा की पावरफुल बाइक में गिनी जाने वाली होंडा सीबी1000आर से मिलती जुलती है।

 

कीमत की बात करें तो भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर 650 और बजाज डोमिनार 400 से देखने को मिलेगा। आज हम होंडा सीबी300आर और रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर 650 को स्टाइलिंग, इंजनल परफॉर्मेंस और कीमक के मामले में कंपयेर करेंगे। तो आइए देखते हैं कौन है बेहतर…

 

यह है दोनो बाइक के बेसिक स्पेसिफिकेशन

 

स्पेसिफिकेशन होंडा सीबी300आर रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर 650
इंजन DOHC, फॉर वॉल्व, लिक्विड कूल्ड, सिंगल सिलेंडर एयर कूल्ड, पैरेलल ट्विन
डिस्प्लेसमेंट 286 सीसी 648 सीसी
पावर [email protected],500RPM [email protected]
टॉर्क [email protected] [email protected]
गियर 6 स्पीड 6 स्पीड
फ्रंट ब्रेक 296एमएम 320एमएम
रियर ब्रेक 220एमएम 240एमएम

 

स्टाइल और लुक्स में कौन है बेहतर

होंडा सीबी300आर काफी हद तक कंपनी की परफॉर्मेंस बाइक होंडा सीबी1000आर से मिलती जुलती है। इसके रेट्रो स्टाइल राउंड एलईडी हेडलैंप है जिसके ऊपल टीएफटी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है। इसके इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में स्पीड, इंजन आरुपीएम, फ्यूल लेवल, गियर पोजीशन इंडिकेटर भी है।

होंडा सीबी300आर में 286 सीसी का लिक्विड कूल्ड, DOHC, सिंगल सिलेंडर इंजन है जो 8 हजार आरपीएम पर 30.9 बीएचपी का पावर और 7,500 आरपीएम पर 27.5Nm का टॉर्क प्रोड्यूस करने में सक्षम है। यग 6 स्पीड गियरबॉक्स ट्रांसमिशन से लैस है।

होंडा सीबी300आर को CKD रूट के तहत भारत में बेचा जाएगा यानी इसके पार्ट्स को इंफोर्ट कर भारत में असेंबल किया जाएगा, जिससे इसकी एक्सशोरूम कीमत 2.41 रुपए हो गई है।

होंडा सीबी300आर और रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर 650 दोनों ही रेट्रो स्टाइल मोटरसाइकिल है, हालांकि होंडा सीबी300आर में इंटरसेप्टर 650 की तरह ही काफी सारे मॉडर्न एलीमेंट्स देखने को मिलते हैं।

 

हालांकि इंजन के परफॉर्मेंस की बात करें तो दोनों का कोई कंपेरिजन नहीं है। क्योंकि इंटरसेप्टर 650 में आपको कम कीमत में काफी ज्यादा पावरफुल इंजन मिलता है। तो यहां इंटरसेप्टर 650 के साथ जाना फायदे को सौदा होगा।

मोटरसाइकिल में फ्लैट एल्यूमिनियम हैंडलबार है, जो इसे कूल लुक देता है। यह काफी कॉम्पैक्ट और स्पोर्टी फीलिंग देती है। इसमें 41 एमएम का अपसाइड डाउन फ्रंट फॉर्क है, जो इसे भीड़ में अलग लुक देता है।

इंजन परफॉर्मेंस में कौन है आगे

रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर 650 में कंपनी ने ऑल न्यू एयर कूल्ड, SOHC, 648 सीसी का पैरेलल ट्विन इंजन दिया है। यह 7,250 आरपीएम पर 47 बीएचपी का पावर और 5,250 आरपीएम पर 52Nm का टॉर्क प्रोड्यूस करने में सक्षम है। यह भी 6 स्पीड गियरबॉक्स ट्रांसमिशन से लैस है।

रॉयल एनफील्ड की 650 सीसी मोटरसाइकिल इंटरसेप्टर 650 की एक्स शोरूम कीमत 2.50 लाख रुपए है। जो होंडा से सिर्फ 9 हजार रुपए ही महंगी है।

दूसरी तरफ रॉयल एनफील्ड की इंटरसेप्टर 650  जो कंपनी की पावरफुल बाइक में से एक है, इसे मॉडर्न क्लासिक के साथ सिंपल  लुक दिया गया है। बाइक में अपस्वेप्ट ट्विन एग्जॉस्ट सिस्टम है। यह 6 कलर ऑप्शन में उपलब्ध है

बड़ा इंजन होने की वजह से इंटरसेप्टर 650  होंडा सीबी300आर से काफी आगे हैं। एनफील्ड ने बाइक से वाइब्रेशन की समस्या खत्म करने के लिए इसमें पैरेलल ट्विन यूनिट का इस्तेमाल किया है जो काफी हद तक बाइक के वाइब्रेशन कम करता है।

कौन है वैल्यू फॉर मनी बाइक

कीमत की बात करें तो इंटरसेप्टर 650 को लेना फायदे का सौदा साबित होगा क्योकि सिर्फ 9 हजार रुपए ज्यादा देकर कई ज्यादा पावरफुल आपकी हो सकती है।

हमारी राय

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China: International Yoga Day was celebrated in low-key events due to COVID-19, standoff with India – भारत के साथ तनाव, COVID-19 की वजह से चीन में सादगी से मना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

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भारत के साथ तनाव, COVID-19 की वजह से चीन में सादगी से मना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

चीन में इस बार सादगी से मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

बीजिंग :

कोरोनावायरस (coronavirus) और भारत के साथ एलएसी पर तनाव की वजह से चीन में अतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) इस बार बहुत ही सादगी से मनाया गया. चीन में योग काफी लोकप्रिय है. संयुक्त राष्ट्र ने साल 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी. इसके बाद चीन में योग दिवस के मौके पर आमतौर पर कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.  

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इस साल, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन इंडिया हाउस में किया गया. कार्यक्रम की अगवाई चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने की. इस दौरान, भारतीय और विदेशी राजनयिकों के साथ उनके परिवार ने शिरकत की. मिस्री ने कहा कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस “चुनौतियों से भरा” रहा. उन्होंने बताया, “चुनौतियों के बावजूद हमने थोड़ा बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करने का सोचा था लेकिन बीजिंग में कोरोना महामारी फिर से फैलने से हमें अपनी योजना टालकर छोटा कार्यक्रम करना पड़ा.”  

चीन में पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. इससे पहले चीन ने कोरोनावायरस पर पूरी तरह से काबू करने की बात कही थी. एनएचसी ने शनिवार को कहा कि चीन में अब तक कोरोना के 83,352 मामले दर्ज किए गए जबकि 4,634 लोगों की मौत हुई है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में कुछ योग एसोसिएशनों ने योग दिवस के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किए.

चीन में योग कार्यक्रमों के छोटे पैमाने पर आयोजित करने की एक वजह भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प भी है. सैन्य झड़प की वजह से भारत और चीन सरहद पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है. चीन के साथ झड़प में 20 भारतीय जवान की जान गई थी. कहा जा रहा है कि इस झड़प में चीन को जानी नुकसान हुआ है.   

वीडियो: ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर देशभर के लोगों ने किया योग

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Delhi To Conduct Serological Survey From June 27 To Curb Spread Of COVID

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गृहमंत्री ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिए कि जिला स्तरीय टीम बनाई जाए और कंटेनमेंट जोन में सर्वे का काम 30 जून तक पूरा हो जाना चाहिए.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट रणनीति पर डॉ. पॉल समिती की रिपोर्ट पर चर्चा हुई. गृह मंत्रालय ने बताया, पूरी दिल्ली में 27 जून से 10 जुलाई के बीच एक सेरोलॉजिकल सर्वे कराया जाएगा, जिसमें 20 हजार लोगों की सैंपल टेस्टिंग होगी. इसके द्वारा दिल्ली में संक्रमण के फैलाव का आंकलन हो सकेगा और एक व्यापक रणनीति निर्धारित की जा सकेगी.

दिल्ली के हर जिले को एक बड़े अस्पताल से जोड़ा जाएगा. दिल्ली सरकार 22 जून तक एक योजना निर्धारित करेगी, 23 जून तक जिला स्तरीय टीमों का गठन होगा, 26 जून तक सभी कंटेनमेंट जोन्स का संशोधित परिसीमन किया जाएगा, 30 जून तक कंटेनमेंट जोन्स का सर्वे होगा.

होम आइसोलेशन की केंद्र सरकार को देनी होगी रिपोर्ट

दिल्ली सरकार हर मृतक का आंकलन कर बताएगी कि उसे कितने दिन पहले कहां से अस्पताल लाया गया था. अगर मरीज होम आइसोलेशन में था, तो उसे सही समय पर लाया गया था या नहीं. सभी कोरोना पॉजिटिव मामलों को पहले कोरोना सेंटर जाना होगा और जिन लोगों के घरों में सही व्यवस्था है और जो किसी अन्य को-मोरबिडिटी से ग्रस्त नहीं है उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाए. कितने लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, इसकी जानकारी भारत सरकार को देनी होगी.

कंटेनमेंट जोन्स का नए सिरे से परिसीमन

डॉ. पॉल समिती ने रिपोर्ट में कंटेनमेंट जोन्स का नए सिरे से परिसीमन, इनकी सीमा पर और इनके अंदर की गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी और नियंत्रण का सुझाव दिया गया. इसके अलावा सभी संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और क्वारंटाइनिंग करने के लिए आरोग्य सेतु और इतिहास एप के इस्तेमाल का भी सुझाव दिया गया. कंटेनमेंट जोन्स के बाहर हर घर की लिस्ट लगाने पर भी चर्चा हुई. कोविड मरीजों को अस्पताल, कोविड सेंटर या होम आइसोलेशन में रखने का निर्देश दिया गया.

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Coronavirus: दिल्ली में 3000 नए केस और 63 लोगों की मौत, एक दिन में 1719 मरीज ठीक हुए

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Bollywood News In Hindi : Amrish Puri himself designed the costume for the role of Mogambo, Director Bonnie Kapoor gave Rs 10,000 as bonus | मोगैंबो के किरदार के लिए अमरीश पुरी ने खुद डिजाइन की थी कॉस्ट्यूम, डायरेक्टर बोनी कपूर ने इम्प्रेस होकर दिए थे 10 हजार रुपए

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दैनिक भास्कर

Jun 22, 2020, 05:00 AM IST

उमेश कुमार उपाध्याय.

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमरीश पुरी भले ही अब इस दुनिया में ना हों मगर उन्होंने अपने किरदारों को हमेशा के लिए अमर कर दिया है। मिस्टर इंडिया का मोगैंबो हो या डीडीएलजे के बाबूजी अमरीश ने अपनी एक्टिंग से किरादरों में चार चांद लगाए हैं। आज अमरीश जी के जन्मदिन के खास मौके पर उनके दोस्त बोनी कपूर ने भास्कर से बातचीत में उनसे जुड़े खास किस्से शेयर किए हैं।

हम पांच के लिए खुद डिजाइन की थी बिग

अमरीश पुरी को बड़ी स्टारडम मेरी फिल्म हम पांच से मिली। वे अपने काम को लेकर इतने डेडीकेटेड थे कि हर चीज की डिटेल्स में जाते थे। इस फिल्म में अमरीश जी ने अपनी बिग खुद ही डिजाइन की थी। निर्देशक बापू जी ने उन्हें इशारों में कुछ बताया और स्केच बनाकर दिया था। उसके बाद तो उन्होंने अपनी बिग खुद ही डिजाइन की।

फिल्म हिट होने पर दिया 10 हजार रुपए बोनस

हम पांच के लिए अमरीश पुरी को 40 हजार रुपए फीस दी गई थी। फिल्म हिट होने के बाद उन्हें बोनस के रूप में 10 हजार रुपए और दिया तो खुश हो गए। उस समय प्राण और बाकी विलेन 3 लाख रुपए लिया करते थे। मैंने उनसे पिक्चर बनते समय कहा था कि इसके बाद आपकी प्राइस बढ़कर ढाई लाख रुपए हो जाएगी। हम पांच से पहले भी उन्होंने पिक्चरों में रोल किया था, पर हम पांच से जो स्टारडम और पहचान मिली, वह अब तक के किए गए सभी किरदारों से कहीं ज्यादा थी। इस तरह हमारा साथ शुरू हुआ।

मिस्टर इंडिया में अमरीश से पहले कई एक्टर का लिया था ऑडिशन

मिस्टर इंडिया के लिए हम फ्रेश फेस देना चाह रहे थे।  इसके लिए मुंबई में जितने भी विलेन थे, उन सभी के ऑडिशन लिए थे। लेकिन जावेद ने जिस रुवाब से मोगैंबो के किरदार को लिखा था, उस पर कोई सही उतर नहीं पा रहा था तो हमने फाइनली अमरीश पुरी जी को ही लेना सही समझा। उस समय वे बहुत बिजी चल रहे थे। हमने उनसे कहा कि मुझे अगले हफ्ते से आपके 60 दिन चाहिए, क्योंकि पूरे क्लाइमैक्स के लिए आर के स्टूडियो में हमारे कुल 5 सेट लगे थे। उन्होंने तुरंत हां बोल दिया। 

दरअसल जब एक्टर्स पास जाते हैं तो वह कहते हैं कि सोचेंगे, करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में बहुत सुना है और मैं खुश हूं कि तुम फाइनली मेरे पास आ गए। मैं जो भी डेट होगी आपकी उससे मैच करूंगा। इस तरह हमने शूटिंग शुरू की और बड़े विलेन के रूप में अमरीश पुरी का एक नया चेहरा सामने आया। हमने हम पांच में भी उन्हें इसीलिए लिया था कि यह एक फ्रेश फेस हैं। शोले में जब अमजद खान लाॉन्च हुए थे, वह भी बिल्कुल फ्रेश फेस थे।

मोगैंबो के लिए खुद डिजाइन करवाए कॉस्टयूम

हमने अमरीश पुरी को मोगैंबो तो बना लिया था, पर हमारे दिमाग में उसकी कॉस्टयूम और गेटअप क्लीयर नहीं था। पूरा गेटअप बनाने में अमरीश पुरी का बड़ा हाथ रहा। अपने खास टेलर माधव के साथ मिलकर अमरीश ने पूरा गेटअप डिजाइन बनवाया। मैं उस कॉस्टयूम से इतना प्रभावित हुआ था कि मैंने उनके डिजाइनर माधव को उस समय 10 हजार रुपए बोनस में दिए। हमारे मन में विलेन का किरदार तो था, पर क्लियर विजुअल नहीं था। इसे अमरीश जी ने खुद बनाया। बिग, कॉस्टयूम, हाथ में ली हुई छड़ी सब अमरीश ने खुद ही माधव के साथ डिजाइन की थी।

मोगैंबो के लिए किया खूब रिहर्सल 

अमरीश पुरी की आदत थी, जब उन्हें रोल भा जाता था, तब वह हर चीज की डिटेलिंग में जाते थे और मोगैंबो की हर डिटेलिंग में जाकर उन्होंने कमाल का काम किया। इस किरदार को जीवंत करने के लिए उन्होंने खूब रिहर्सल की थी। उन्होंने हर डायलॉग जावेद जी के साथ बैठकर पढ़ा था साथ ही सेट पर शेखर ने भी उनसे रिहर्सल्स करवाई। उन्होंने हर चीज के लिए बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत की थी।

पूरा क्रेडिट में अमरीश पुरी को देना चाहूंगा

हीरो बड़ा तब होता है, जब सामने विलेन टक्कर का हो। मिस्टर इंडिया के सामने हमें बड़ा विलेन चाहिए था और मैं नहीं समझता कि अमरीश पुरी से बड़ा विलेन कोई हो सकता है। इसका पूरा क्रेडिट मैं अमरीश पुरी को देना चाहूंगा। खैर, लाइन तो जावेद जी ने लिखी थी- मोगेंबो खुश हुआ। यह तकिया कलाम लोग आज तक याद करते हैं, पर इस किरदार में चार चांद अमरीश पुरी ने अपनी मेहनत से लगाए थे।

मोगैंबो की कामयाबी से मिली और फिल्में

मिस्टर इंडिया के बाद हमने विरासत में उनके साथ काम किया। इस पूरे प्रोजेक्ट का सेटअप मैंने किया था। इसमें फिर अमरीश जी ने पॉजिटिव रोल किया था और कमाल का काम किया था। साथ ही मिस्टर इंडिया के बाद उन्होंने उनकी हॉलीवुड की पहली फिल्म की, साथ ही साउथ के भी नंबर वन विलेन हो गए थे। वे वहां की भी बड़ी फिल्मों में विलेन हुआ करते थे। यह सब मोगैंबो पर की हुई उनकी मेहनत की वजह से था।

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